Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.23.27: उस युद्ध में मैंने पीछे रहकर यज्ञ करके अर्जुन की रक्षा की थी और भीमसेन ने नकुल और सहदेव की रक्षा की थी। अर्जुन ने गाण्डीव धारण करके शत्रु सेना का संहार किया और सकुशल लौट आए। क्या कौरवों को कभी उनका स्मरण रहता है?॥27॥ | mahabharat अध्याय 5.23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस युद्ध में मैंने पीछे रहकर यज्ञ करके अर्जुन की रक्षा की थी और भीमसेन ने नकुल और सहदेव की रक्षा की थी। अर्जुन ने गाण्डीव धारण करके शत्रु सेना का संहार किया और सकुशल लौट आए। क्या कौरवों को कभी उनका स्मरण रहता है?॥27॥
In that war I stayed behind and protected Arjuna by performing a sacrifice and Bhimasena protected Nakula and Sahadeva. Arjuna wielding the Gandiva killed the enemy forces and returned safely. Do the Kauravas ever remember them?॥27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥