श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.23.24 
माद्रीपुत्र: सहदेव: कलिङ्गान्
समागतानजयद् दन्तकूरे।
वामेनास्यन् दक्षिणेनैव यो वै
महाबलं कच्चिदेनं स्मरन्ति॥ २४॥
 
 
अनुवाद
उस घोर युद्ध में, जिसमें दाँत पीसकर शस्त्रों का प्रयोग किया जाता है, माद्रीनाथ के पुत्र सहदेव ने अपने दाहिने और बाएँ हाथों से बाणों की वर्षा करके, अपने सामने आए कलिंग के योद्धाओं को परास्त कर दिया। क्या कौरवों को कभी इस महाबली योद्धा का स्मरण रहता है?॥24॥
 
In that fierce battle in which weapons are used with the gnashing of teeth, Madrinath's son Sahadeva defeated the warriors of Kalinga who had come to face him by showering arrows with his right and left hands. Do the Kauravas ever remember this mighty warrior?॥24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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