श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.23.20 
कच्चिद् राज्ये धृतराष्ट्रं सपुत्रं
समेत्याहु: कुरव: सर्व एव।
कच्चिद् दृष्ट्वा दस्युसङ्घान् समेतान्
स्मरन्ति पार्थस्य युधां प्रणेतु:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
क्या सभी कौरव कभी अपने पुत्रों के साथ एकत्रित होकर धृतराष्ट्र के पास जाकर उनसे राज्य माँगते हैं? क्या राज्य में डाकुओं के दल देखकर उन्हें कभी विजयी अर्जुन की याद आती है?
 
Do all the Kauravas ever assemble with their sons and go to Dhritarashtra and ask him to grant them the kingdom? Do they ever remember the victorious Arjuna on seeing the gangs of robbers in the kingdom?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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