श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.23.2 
स तु राजानमासाद्य कुन्तीपुत्रं युधिष्ठिरम्।
अभिवाद्य तत: पूर्वं सूतपुत्रोऽभ्यभाषत॥ २॥
 
 
अनुवाद
वहाँ सारथिपुत्र संजय पहले कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर के पास गया और उन्हें प्रणाम करके उनसे बातचीत करने लगा॥ 2॥
 
There Sanjaya, the son of a charioteer, went first to King Yudhishthira, the son of Kunti, and bowed to him and began a conversation with him.॥ 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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