श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.23.14 
स्त्रियो वृद्धा भारतानां जनन्यो
महानस्यो दासभार्याश्च सूत।
वध्व: पुत्रा भागिनेया भगिन्यो
दौहित्रा वा कच्चिदप्यव्यलीका:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
सूत! माताएँ, वृद्ध स्त्रियाँ, रसोइया, दासियाँ, बहुएँ, पुत्र, भतीजे, बहिनों के पुत्र और पुत्रियाँ - ये सब लोग तो सत्यनिष्ठा से रहते हैं न?॥14॥
 
Suta! The mothers, elderly women, cooks, maids, daughters-in-law, sons, nephews, sons of sisters and daughters - all of them live with honesty, don't they?॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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