श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.23.13 
वैश्यापुत्र: कुशली तात कच्चि-
न्महाप्राज्ञो राजपुत्रो युयुत्सु:।
कर्णोऽमात्य: कुशली तात कच्चित्
सुयोधनो यस्य मन्दो विधेय:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
पिताश्री! राजा धृतराष्ट्र की वैश्य वर्ण की पत्नी के पुत्र बुद्धिमान राजकुमार युयुत्सु कुशल से हैं? संजय! मूर्ख दुर्योधन जिसके अधीन रहता है, वह मंत्री कर्ण भी कुशल से है?॥13॥
 
Father! Is the wise prince Yuyutsu, the son of King Dhritarashtra's wife of the Vaishya caste, well? Sanjay! Is the minister Karna, under whose command the foolish Duryodhan always remains, also well?॥ 13॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd