श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.23.11 
सर्वे कुरुभ्य: स्पृहयन्ति संजय
धनुर्धरा ये पृथिव्यां प्रधाना:।
महाप्राज्ञा: सर्वशास्त्रावदाता
धनुर्भृता मुख्यतमा: पृथिव्याम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
संजय! जो पृथ्वी के महान धनुर्धर हैं, जो अत्यन्त बुद्धिमान हैं, सम्पूर्ण शास्त्रों के ज्ञाता हैं और संसार के धनुर्धरों में श्रेष्ठ हैं, क्या वे कौरवों के प्रति कुछ स्नेह रखते हैं? 11॥
 
Sanjay! Do these great archers of the earth, who are extremely intelligent, bright with knowledge of all the scriptures and foremost among the archers of the world, have any affection for the Kauravas? 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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