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mahabharat 5.22.27: शिशुपाल को, जिसका करूषाराज सहित सभी राजाओं द्वारा सम्मान किया जाता था, देखकर कृष्ण ने पाण्डवों की कीर्ति और प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए, उसे पहले ही मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 5.22: धृतराष्ट्रका संजयसे पाण्डवोंके प्रभाव और प्रतिभाका वर्णन करते हुए उसे संदेश देकर पाण्डवोंके पास भेजना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.22.27 
यशोमानौ वर्धयन् पाण्डवानां
पुराभिनच्छिशुपालं समीक्ष्य।
यस्य सर्वे वर्धयन्ति स्म मानं
करूषराजप्रमुखा नरेन्द्रा:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
शिशुपाल को, जिसका करूषाराज सहित सभी राजाओं द्वारा सम्मान किया जाता था, देखकर कृष्ण ने पाण्डवों की कीर्ति और प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए, उसे पहले ही मार डाला।
 
Looking at Sisupal, who was respected by all the kings including Karusharaj, Krishna killed him beforehand, in order to enhance the fame and prestige of the Pandavas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)