Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.22.25-26: (युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में) चेदि और करुष देशों के राजा सब प्रकार की तैयारियों के साथ एकत्रित हुए थे। उन सबके बीच चेदि नरेश शिशुपाल अपने दिव्य तेज से प्रज्वलित सूर्य के समान चमक रहा था। युद्ध में उसके वेग को रोकना असम्भव था। शिशुपाल संसार के समस्त योद्धाओं में सर्वश्रेष्ठ योद्धा था जो धनुष की डोरी खींच सकता था। यह सब समझकर भगवान श्रीकृष्ण ने वहाँ चेदि क्षत्रियों का सम्पूर्ण उत्साह नष्ट कर दिया और बड़े वेग से हठपूर्वक शिशुपाल का वध कर दिया। 25-26   |   mahabharat अध्याय 5.22: धृतराष्ट्रका संजयसे पाण्डवोंके प्रभाव और प्रतिभाका वर्णन करते हुए उसे संदेश देकर पाण्डवोंके पास भेजना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 22: धृतराष्ट्रका संजयसे पाण्डवोंके प्रभाव और प्रतिभाका वर्णन करते हुए उसे संदेश देकर पाण्डवोंके पास भेजना  »  श्लोक 25-26
 
 
श्लोक  5.22.25-26 
उपाश्रिताश्चेदिकरूषकाश्च
सर्वोद्योगैर्भूमिपाला: समेता:।
तेषां मध्ये सूर्यमिवातपन्तं
श्रिया वृतं चेदिपतिं ज्वलन्तम्॥ २५॥
अस्तम्भनीयं युधि मन्यमानो
ज्यां कर्षतां श्रेष्ठतमं पृथिव्याम्।
सर्वोत्साहं क्षत्रियाणां निहत्य
प्रसह्य कृष्णस्तरसा सम्ममर्द॥ २६॥
 
 
अनुवाद
(युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में) चेदि और करुष देशों के राजा सब प्रकार की तैयारियों के साथ एकत्रित हुए थे। उन सबके बीच चेदि नरेश शिशुपाल अपने दिव्य तेज से प्रज्वलित सूर्य के समान चमक रहा था। युद्ध में उसके वेग को रोकना असम्भव था। शिशुपाल संसार के समस्त योद्धाओं में सर्वश्रेष्ठ योद्धा था जो धनुष की डोरी खींच सकता था। यह सब समझकर भगवान श्रीकृष्ण ने वहाँ चेदि क्षत्रियों का सम्पूर्ण उत्साह नष्ट कर दिया और बड़े वेग से हठपूर्वक शिशुपाल का वध कर दिया। 25-26
 
(In Yudhishthira's Rajasuya Yagna) the kings of Chedi and Karusha countries had come together with all kinds of preparations. Among all of them, Chedi king Shishupal was shining like the blazing sun with his divine splendor. It was impossible to stop his speed in the war. Shishupal was the best warrior among all the warriors of the world who could pull the bowstring. Understanding all this, Lord Krishna destroyed the entire enthusiasm of the Chedi Kshatriyas there and stubbornly killed Shishupal with great speed. 25-26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)