Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.22.2: संजय! सभी पांडवों से कहो कि हम सुरक्षित हैं। पांडव सदाचारी, परोपकारी और झूठ से दूर रहने वाले संत हैं। वे वनवास का कष्ट सहने में समर्थ नहीं थे, फिर भी उन्होंने वनवास का नियम पूरा कर लिया है। फिर भी हम पर उनका क्रोध शीघ्र ही शांत हो गया है॥2॥ | mahabharat अध्याय 5.22: धृतराष्ट्रका संजयसे पाण्डवोंके प्रभाव और प्रतिभाका वर्णन करते हुए उसे संदेश देकर पाण्डवोंके पास भेजना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय! सभी पांडवों से कहो कि हम सुरक्षित हैं। पांडव सदाचारी, परोपकारी और झूठ से दूर रहने वाले संत हैं। वे वनवास का कष्ट सहने में समर्थ नहीं थे, फिर भी उन्होंने वनवास का नियम पूरा कर लिया है। फिर भी हम पर उनका क्रोध शीघ्र ही शांत हो गया है॥2॥
Sanjay! Tell all the Pandavas that we are safe. The Pandavas are virtuous, philanthropists and saints who stay away from lies. They were not capable of suffering the pain of exile, yet they have completed the rule of exile. Despite this, their anger on us has subsided very soon.॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥