Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.22.12: गाण्डीव धनुष धारण करके तथा एक रथ पर सवार होकर सव्यसाची अर्जुन ने न केवल उत्तर दिशा को जीता, अपितु उत्तरी कुरु देश को भी जीतकर उनकी समस्त सम्पत्ति वापस ले ली। उसने द्रविड़ों को भी जीतकर उन्हें अपनी सेना का अनुयायी बना लिया॥12॥ | mahabharat अध्याय 5.22: धृतराष्ट्रका संजयसे पाण्डवोंके प्रभाव और प्रतिभाका वर्णन करते हुए उसे संदेश देकर पाण्डवोंके पास भेजना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गाण्डीव धनुष धारण करके तथा एक रथ पर सवार होकर सव्यसाची अर्जुन ने न केवल उत्तर दिशा को जीता, अपितु उत्तरी कुरु देश को भी जीतकर उनकी समस्त सम्पत्ति वापस ले ली। उसने द्रविड़ों को भी जीतकर उन्हें अपनी सेना का अनुयायी बना लिया॥12॥
Armed with the Gandiva bow and riding on a single chariot, Savyasachi Arjuna not only conquered the north but also conquered the northern Kuru country and brought back all their wealth. He also conquered the Dravidians and made them followers of his army.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥