Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.21.2: ब्रह्मन्! यह सौभाग्य की बात है कि सभी पाण्डव भगवान श्रीकृष्ण के पास सुरक्षित हैं। उनके अनेक सहायक हैं और वे धर्म परायण भी हैं, यह और भी अधिक सौभाग्य और आनन्द की बात है॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 5.21: भीष्मके द्वारा द्रुपदके पुरोहितकी बातका समर्थन करते हुए अर्जुनकी प्रशंसा करना, इसके विरुद्ध कर्णके आक्षेपपूर्ण वचन तथा धृतराष्ट्रद्वारा भीष्मकी बातका समर्थन करते हुए दूतको सम्मानित करके विदा करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिष्टॺा कुशलिन: सर्वे सह दामोदरेण ते।
दिष्टॺा सहायवन्तश्च दिष्टॺा धर्मे च ते रता:॥ २॥
अनुवाद
ब्रह्मन्! यह सौभाग्य की बात है कि सभी पाण्डव भगवान श्रीकृष्ण के पास सुरक्षित हैं। उनके अनेक सहायक हैं और वे धर्म परायण भी हैं, यह और भी अधिक सौभाग्य और आनन्द की बात है॥ 2॥
‘Brahman! It is a matter of good fortune that all the Pandavas are safe with Lord Krishna. They have many helpers and they are devoted to Dharma as well, this is a matter of even more good fortune and joy.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥