Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.21.17: तुम्हारी वीरता उस समय देखने को मिली जब तुम्हें उनके सामने कई बार पराजय का सामना करना पड़ा। यदि हम इन ब्राह्मणों की कही हुई बात के अनुसार कार्य नहीं करेंगे तो यह निश्चित है कि हमें पांडव पुत्र अर्जुन के हाथों घायल होकर युद्ध में धूल चाटनी पड़ेगी। | mahabharat अध्याय 5.21: भीष्मके द्वारा द्रुपदके पुरोहितकी बातका समर्थन करते हुए अर्जुनकी प्रशंसा करना, इसके विरुद्ध कर्णके आक्षेपपूर्ण वचन तथा धृतराष्ट्रद्वारा भीष्मकी बातका समर्थन करते हुए दूतको सम्मानित करके विदा करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम्हारी वीरता उस समय देखने को मिली जब तुम्हें उनके सामने कई बार पराजय का सामना करना पड़ा। यदि हम इन ब्राह्मणों की कही हुई बात के अनुसार कार्य नहीं करेंगे तो यह निश्चित है कि हमें पांडव पुत्र अर्जुन के हाथों घायल होकर युद्ध में धूल चाटनी पड़ेगी।
Your valour was seen at that time when you had to face defeat in front of them many times. If we do not act according to what these Brahmins have said, then it is certain that we will have to bite the dust in the war after being wounded by Pandava's son Arjun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥