Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.21.14: उसके बाद वे दुर्योधन के संरक्षण में निर्भय होकर रह सकते हैं। उन्हें चाहिए कि वे केवल मूर्खतावश अपनी बुद्धि को अधर्म की ओर प्रवृत्त न करें।॥14॥ | mahabharat अध्याय 5.21: भीष्मके द्वारा द्रुपदके पुरोहितकी बातका समर्थन करते हुए अर्जुनकी प्रशंसा करना, इसके विरुद्ध कर्णके आक्षेपपूर्ण वचन तथा धृतराष्ट्रद्वारा भीष्मकी बातका समर्थन करते हुए दूतको सम्मानित करके विदा करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके बाद वे दुर्योधन के संरक्षण में निर्भय होकर रह सकते हैं। उन्हें चाहिए कि वे केवल मूर्खतावश अपनी बुद्धि को अधर्म की ओर प्रवृत्त न करें।॥14॥
‘After that they can live without fear under the protection of Duryodhana. They should not make their intellect inclined towards irreligion out of mere foolishness.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥