Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.21.12: विद्वान्! दुर्योधन अपने राज्य का एक चौथाई भाग भी नहीं देगा, आधा तो क्या, परन्तु धर्मानुसार वह अपने शत्रु को सम्पूर्ण पृथ्वी भी दे सकता है॥12॥ | mahabharat अध्याय 5.21: भीष्मके द्वारा द्रुपदके पुरोहितकी बातका समर्थन करते हुए अर्जुनकी प्रशंसा करना, इसके विरुद्ध कर्णके आक्षेपपूर्ण वचन तथा धृतराष्ट्रद्वारा भीष्मकी बातका समर्थन करते हुए दूतको सम्मानित करके विदा करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विद्वान्! दुर्योधन अपने राज्य का एक चौथाई भाग भी नहीं देगा, आधा तो क्या, परन्तु धर्मानुसार वह अपने शत्रु को सम्पूर्ण पृथ्वी भी दे सकता है॥12॥
Learned one! Duryodhan will not give away even a quarter of his kingdom, let alone half; but according to Dharma, he can give away the entire earth to his enemy.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥