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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 20: द्रुपदके पुरोहितका कौरवसभामें भाषण  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  5.20.17 
अपरे पुरुषव्याघ्रा: सहस्राक्षौहिणीसमा:।
सात्यकिर्भीमसेनश्च यमौ च सुमहाबलौ॥ १७॥
 
 
अनुवाद
इनके अलावा सात्यकि, भीमसेन, शक्तिशाली नकुल और सहदेव जैसे अन्य वीर अकेले ही एक हजार अक्षौहिणी सेनाओं के बराबर हैं।
 
Besides these, Satyaki, Bhimasena, the mighty Nakula and Sahadeva, the other brave men, are alone equivalent to a thousand Akshauhini armies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)