श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 196: पाण्डवसेनाका युद्धके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.196.8 
अभिमन्युं बृहन्तं च द्रौपदेयांश्च सर्वश:।
धृष्टद्युम्नमुखानेतान् प्राहिणोत् पाण्डुनन्दन:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
पाण्डुनन्दन युधिष्ठिर ने अभिमन्यु, बृहन्त तथा द्रौपदी के पाँचों पुत्रों तथा प्रथम सेना सहित धृष्टद्युम्न को सामने भेजा। 8॥
 
Pandunandan Yudhishthir sent Dhrishtadyumna in front along with Abhimanyu, Brihant and Draupadi's five sons along with the first army. 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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