Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.196.4-5h: वे महान धनुर्धर और योद्धा विचित्र कवच और चमकते हुए सोने के कुण्डल धारण करके वेदी पर अर्पित घी से प्रज्वलित अग्निदेवों के समान और आकाश में चमकते हुए ग्रहों के समान शोभा पा रहे थे। 4 1/2॥ | mahabharat अध्याय 5.196: पाण्डवसेनाका युद्धके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे महान धनुर्धर और योद्धा विचित्र कवच और चमकते हुए सोने के कुण्डल धारण करके वेदी पर अर्पित घी से प्रज्वलित अग्निदेवों के समान और आकाश में चमकते हुए ग्रहों के समान शोभा पा रहे थे। 4 1/2॥
Those great archers and warriors, wearing strange armor and earrings of burnished gold, were looking like the fire gods lit by the ghee offered on the altar and like the planets shining in the sky. 4 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥