Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.196.14-16h: पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर ने द्रौपदी के महाधनुर्धर पुत्र अभिमन्यु, नकुल, सहदेव, समस्त श्रेष्ठ योद्धा, दस हजार घुड़सवार, दो हजार हाथी सवार, दस हजार पैदल और पाँच सौ रथी - इनका प्रथम धुरंधर दल दिया, जिसका नेतृत्व भीमसेन ने किया। 14-15 1/2 | mahabharat अध्याय 5.196: पाण्डवसेनाका युद्धके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रौपदेयान् महेष्वासानभिमन्युं च पाण्डव:।
नकुलं सहदेवं च सर्वांश्चैव प्रभद्रकान्॥ १४॥
दश चाश्वसहस्राणि द्विसहस्राणि दन्तिनाम्।
अयुतं च पदातीनां रथा: पञ्चशतं तथा॥ १५॥
भीमसेनस्य दुर्धर्षं प्रथमं प्रादिशद् बलम्।
अनुवाद
पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर ने द्रौपदी के महाधनुर्धर पुत्र अभिमन्यु, नकुल, सहदेव, समस्त श्रेष्ठ योद्धा, दस हजार घुड़सवार, दो हजार हाथी सवार, दस हजार पैदल और पाँच सौ रथी - इनका प्रथम धुरंधर दल दिया, जिसका नेतृत्व भीमसेन ने किया। 14-15 1/2
Pandu's son Yudhishthir gave Draupadi's great archer son, Abhimanyu, Nakul, Sahadeva, all the noble warriors, ten thousand horsemen, two thousand elephant riders, ten thousand footmen and five hundred charioteers - their first Dhurdarsha group was headed by Bhimsen. 14-15 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥