Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.195.17-18: राजा दुर्योधन उन महामनस्वी राजाओं को उनके सवारों और सैनिकों सहित उत्तम-उत्तम भोजन प्रदान करता था। हाथी, घोड़े, पैदल, शिल्पी, अन्य अनुचर, सूत, मागध और बंदी भी राजा के हाथ से भोजन प्राप्त करते थे।॥17-18॥ | mahabharat अध्याय 5.195: कौरव-सेनाका रणके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेषां दुर्योधनो राजा ससैन्यानां महात्मनाम्।
व्यादिदेश सवाह्यानां भक्ष्यभोज्यमनुत्तमम्॥ १७॥
सनागाश्वमनुष्याणां ये च शिल्पोपजीविन:।
ये चान्येऽनुगतास्तत्र सूतमागधबन्दिन:॥ १८॥
अनुवाद
राजा दुर्योधन उन महामनस्वी राजाओं को उनके सवारों और सैनिकों सहित उत्तम-उत्तम भोजन प्रदान करता था। हाथी, घोड़े, पैदल, शिल्पी, अन्य अनुचर, सूत, मागध और बंदी भी राजा के हाथ से भोजन प्राप्त करते थे।॥17-18॥
King Duryodhana used to provide the finest of eatables to those great-minded kings along with their riders and soldiers. Elephants, horses, pedestrians, craftsmen, other followers, Suta, Magadh and prisoners also received food from the king.॥17-18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥