तन्न जानाति गाङ्गेयो न द्रोणो न च गौतम:।
न च द्रोणसुतो राजन् कुत एव तु सूतज:॥ १४॥
अनुवाद
हे राजन! न तो गंगापुत्र भीष्म इसे जानते हैं, न द्रोणाचार्य, न कृपाचार्य, न द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ही इसे जानते हैं; फिर सारथिपुत्र कर्ण इसे कैसे जान सकता है?॥14॥
O King! Neither Ganga's son Bhishma knows this, nor Dronacharya, nor Krupacharya, nor even Drona's son Ashwatthama knows this; then how can charioteer's son Karna know this?'॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)