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mahabharat 5.194.14: हे राजन! न तो गंगापुत्र भीष्म इसे जानते हैं, न द्रोणाचार्य, न कृपाचार्य, न द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ही इसे जानते हैं; फिर सारथिपुत्र कर्ण इसे कैसे जान सकता है?॥14॥   |   mahabharat अध्याय 5.194: अर्जुनके द्वारा अपनी, अपने सहायकोंकी तथा युधिष्ठिरकी भी शक्तिका परिचय देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 194: अर्जुनके द्वारा अपनी, अपने सहायकोंकी तथा युधिष्ठिरकी भी शक्तिका परिचय देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.194.14 
तन्न जानाति गाङ्गेयो न द्रोणो न च गौतम:।
न च द्रोणसुतो राजन् कुत एव तु सूतज:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! न तो गंगापुत्र भीष्म इसे जानते हैं, न द्रोणाचार्य, न कृपाचार्य, न द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ही इसे जानते हैं; फिर सारथिपुत्र कर्ण इसे कैसे जान सकता है?॥14॥
 
O King! Neither Ganga's son Bhishma knows this, nor Dronacharya, nor Krupacharya, nor even Drona's son Ashwatthama knows this; then how can charioteer's son Karna know this?'॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)