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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 194: अर्जुनके द्वारा अपनी, अपने सहायकोंकी तथा युधिष्ठिरकी भी शक्तिका परिचय देना
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श्लोक 13
श्लोक
5.194.13
यद् युगान्ते पशुपति: सर्वभूतानि संहरन्।
प्रयुङ्क्ते पुरुषव्याघ्र तदिदं मयि वर्तते॥ १३॥
अनुवाद
हे नरसिंह! मेरे पास वही अस्त्र है जिसका प्रयोग भगवान पशुपति प्रलयकाल में समस्त प्राणियों का संहार करते समय करते हैं॥13॥
O man-lion! I have the same weapon which Lord Pashupati uses while killing all creatures during the time of deluge.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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