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mahabharat 5.194.12: भगवान पशुपति ने द्वन्द्वयुद्ध में किरातरूपधारी के साथ युद्ध करते समय मुझे जो भयंकर महान् अस्त्र दिया था, वह अब भी मेरे पास है॥12॥   |   mahabharat अध्याय 5.194: अर्जुनके द्वारा अपनी, अपने सहायकोंकी तथा युधिष्ठिरकी भी शक्तिका परिचय देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 194: अर्जुनके द्वारा अपनी, अपने सहायकोंकी तथा युधिष्ठिरकी भी शक्तिका परिचय देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.194.12 
यत् तद् घोरं पशुपति: प्रादादस्त्रं महन्मम।
कैराते द्वन्द्वयुद्धे तु तदिदं मयि वर्तते॥ १२॥
 
 
अनुवाद
भगवान पशुपति ने द्वन्द्वयुद्ध में किरातरूपधारी के साथ युद्ध करते समय मुझे जो भयंकर महान् अस्त्र दिया था, वह अब भी मेरे पास है॥12॥
 
The fearsome great weapon which Lord Pashupati had given me when he was fighting with the form of Kirata in the duel is still with me.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)