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mahabharat 5.193.7: महाबाहो! मैं यह जानना चाहता हूँ, इसके लिए मेरे हृदय में सदैव बड़ी जिज्ञासा रहती है। कृपया मुझे यह बताने की कृपा करें।॥7॥   |   mahabharat अध्याय 5.193: दुर्योधनके पूछनेपर भीष्म आदिके द्वारा अपनी-अपनी शक्तिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 193: दुर्योधनके पूछनेपर भीष्म आदिके द्वारा अपनी-अपनी शक्तिका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.193.7 
एतदिच्छाम्यहं ज्ञातुं परं कौतूहलं हि मे।
हृदि नित्यं महाबाहो वक्तुमर्हसि तन्मम॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! मैं यह जानना चाहता हूँ, इसके लिए मेरे हृदय में सदैव बड़ी जिज्ञासा रहती है। कृपया मुझे यह बताने की कृपा करें।॥7॥
 
Mahabaho! I want to know this, there is always a great curiosity in my heart for this. Please be kind enough to tell me this.'॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)