श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 192: शिखण्डीको पुरुषत्वकी प्राप्ति, द्रुपद और हिरण्यवर्माकी प्रसन्नता, स्थूणाकर्णको कुबेरका शाप तथा भीष्मका शिखण्डीको न मारनेका निश्चय  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  5.192.69 
यदि भीष्म: स्त्रियं हन्यात् सन्त: कुर्युर्विगर्हणम्।
नैनं तस्माद्धनिष्यामि दृष्ट्वापि समरे स्थितम्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
यदि भीष्म स्त्री को मारेंगे तो ऋषिगण उनकी निन्दा करेंगे, इसलिए मैं युद्धभूमि में खड़े हुए शिखण्डी को देखकर भी उसे नहीं मारूँगा ॥69॥
 
If Bhishma kills a woman, the sages will condemn him, hence I will not kill Shikhandi even after seeing him standing in the battlefield. 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)