Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.192.45: कुरुनन्दन! उसे इस रूप में देखकर कुबेर अत्यन्त क्रोधित हो गये और शाप देकर बोले - 'गुह्यको! इस पापी स्थूनाकर्ण का यह स्त्रीत्व इसी प्रकार बना रहे।' | mahabharat अध्याय 5.192: शिखण्डीको पुरुषत्वकी प्राप्ति, द्रुपद और हिरण्यवर्माकी प्रसन्नता, स्थूणाकर्णको कुबेरका शाप तथा भीष्मका शिखण्डीको न मारनेका निश्चय । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुरुनन्दन! उसे इस रूप में देखकर कुबेर अत्यन्त क्रोधित हो गये और शाप देकर बोले - 'गुह्यको! इस पापी स्थूनाकर्ण का यह स्त्रीत्व इसी प्रकार बना रहे।'
Kurunandan! Seeing him in this form, Kuber became very angry and cursed him saying - 'Guhyako! May this femininity of this sinner Sthunakarn remain like this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥