श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 192: शिखण्डीको पुरुषत्वकी प्राप्ति, द्रुपद और हिरण्यवर्माकी प्रसन्नता, स्थूणाकर्णको कुबेरका शाप तथा भीष्मका शिखण्डीको न मारनेका निश्चय  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.192.28 
तत: स राजा द्रुपदस्य श्रुत्वा
विमर्षयुक्तो युवतीर्वरिष्ठा:।
सम्प्रेषयामास सुचारुरूपा:
शिखण्डिनं स्त्री पुमान् वेति वेत्तुम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
राजा द्रुपद का यह उत्तर सुनकर हिरण्यवर्मन ने कुछ विचार किया और फिर कुछ अत्यन्त सुन्दर एवं श्रेष्ठ युवतियों को यह पता लगाने के लिए भेजा कि शिखण्डी पुरुष है या स्त्री।
 
Hearing this answer from King Drupada, Hiranyavarman gave some thought and then sent some very beautiful and excellent young women to find out whether Shikhandi was a man or a woman.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)