Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.192.18-19: नगर में पहुँचकर ब्राह्मण पुरोहित राजा द्रुपद से मिले। पांचाल नरेश ने उन्हें आदरपूर्वक जल और एक गाय भेंट की। राजकुमार शिखण्डी भी उनके साथ थे। हे राजन! पुरोहित ने प्रार्थना स्वीकार न करके इस प्रकार कहा -॥18-19॥ | mahabharat अध्याय 5.192: शिखण्डीको पुरुषत्वकी प्राप्ति, द्रुपद और हिरण्यवर्माकी प्रसन्नता, स्थूणाकर्णको कुबेरका शाप तथा भीष्मका शिखण्डीको न मारनेका निश्चय । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत आसादयामास पुरोधा द्रुपदं पुरे।
तस्मै पाञ्चालको राजा गामर्घ्यं च सुसत्कृतम्॥ १८॥
प्रापयामास राजेन्द्र सह तेन शिखण्डिना।
तां पूजां नाभ्यनन्दत् स वाक्यं चेदमुवाच ह॥ १९॥
अनुवाद
नगर में पहुँचकर ब्राह्मण पुरोहित राजा द्रुपद से मिले। पांचाल नरेश ने उन्हें आदरपूर्वक जल और एक गाय भेंट की। राजकुमार शिखण्डी भी उनके साथ थे। हे राजन! पुरोहित ने प्रार्थना स्वीकार न करके इस प्रकार कहा -॥18-19॥
Upon reaching the city, the Brahmin priest met King Drupada. The Panchal king respectfully offered him water and a cow. Prince Shikhandi was also with him. O King! The priest did not accept the prayer and said thus -॥18-19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥