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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 192: शिखण्डीको पुरुषत्वकी प्राप्ति, द्रुपद और हिरण्यवर्माकी प्रसन्नता, स्थूणाकर्णको कुबेरका शाप तथा भीष्मका शिखण्डीको न मारनेका निश्चय
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श्लोक 11
श्लोक
5.192.11
यथावृत्तं तु तत् सर्वमाचख्यौ द्रुपदस्य तत्।
द्रुपदस्तस्य तच्छ्रुत्वा हर्षमाहारयत् परम्॥ ११॥
अनुवाद
उसने राजा द्रुपद को सब वृत्तान्त सुनाया, यह सुनकर राजा द्रुपद अत्यन्त प्रसन्न हुए ॥11॥
He narrated all the events to King Drupada. On hearing this, King Drupada was extremely pleased. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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