Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.191.7: भरतनन्दन राजेन्द्र! यद्यपि वह नगर स्वभावतः सुरक्षित था, तथापि उस विपत्ति के समय उन्होंने उसे सब प्रकार से सजाया और उसकी रक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए॥7॥ | mahabharat अध्याय 5.191: द्रुपदपत्नीका उत्तर, द्रुपदके द्वारा नगररक्षाकी व्यवस्था और देवाराधन तथा शिखण्डिनीका वनमें जाकर स्थूणाकर्ण नामक यक्षसे अपने दु:खनिवारणके लिये प्रार्थना करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतनन्दन राजेन्द्र! यद्यपि वह नगर स्वभावतः सुरक्षित था, तथापि उस विपत्ति के समय उन्होंने उसे सब प्रकार से सजाया और उसकी रक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए॥7॥
Bharatnandan Rajendra! Although the city was safe by nature, yet at the time of that calamity they decorated it in every way and made special arrangements for its protection. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥