Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.191.4: हे राजन! मेरी बात पर विश्वास करके आप राजा दशार्ण की पुत्री को उनसे विवाह हेतु ले आए। भगवान महादेव के वरदान को ध्यान में रखते हुए, मैंने घोषणा की थी कि उन्हें पुत्र होगा। भगवान महादेव ने कहा था कि पहले पुत्री उत्पन्न होगी और फिर वह पुत्र बन जाएगी। इसीलिए इस वर्तमान समस्या की उपेक्षा कर दी गई।   |   mahabharat अध्याय 5.191: द्रुपदपत्नीका उत्तर, द्रुपदके द्वारा नगररक्षाकी व्यवस्था और देवाराधन तथा शिखण्डिनीका वनमें जाकर स्थूणाकर्ण नामक यक्षसे अपने दु:खनिवारणके लिये प्रार्थना करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 191: द्रुपदपत्नीका उत्तर, द्रुपदके द्वारा नगररक्षाकी व्यवस्था और देवाराधन तथा शिखण्डिनीका वनमें जाकर स्थूणाकर्ण नामक यक्षसे अपने दु:खनिवारणके लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.191.4 
भार्या चोढा त्वया राजन् दशार्णाधिपते: सुता।
मया च प्रत्यभिहितं देववाक्यार्थदर्शनात्।
कन्या भूत्वा पुमान् भावीत्येवं चैतदुपेक्षितम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! मेरी बात पर विश्वास करके आप राजा दशार्ण की पुत्री को उनसे विवाह हेतु ले आए। भगवान महादेव के वरदान को ध्यान में रखते हुए, मैंने घोषणा की थी कि उन्हें पुत्र होगा। भगवान महादेव ने कहा था कि पहले पुत्री उत्पन्न होगी और फिर वह पुत्र बन जाएगी। इसीलिए इस वर्तमान समस्या की उपेक्षा कर दी गई।
 
‘O King! Believing in my words, you brought the daughter of King Dasharna to marry him. Keeping in mind the boon of Lord Mahadev, I had declared that he would have a son. Lord Mahadev had said that first a daughter would be born and then she would become a son. That is why this present problem was ignored.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)