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श्लोक  5.190.6 
तत: सम्मन्त्रयामास मन्त्रिभि: स महीपति:।
हिरण्यवर्मा राजेन्द्र पाञ्चाल्यं पार्थिवं प्रति॥ ६॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! तब राजा हिरण्यवर्मन अपने मंत्रियों के साथ बैठकर इस बात पर विचार करने लगे कि उन्हें पांचाल के राजा के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए।
 
Rajendra! Then King Hiranyavarman sat with his ministers and discussed how he should behave with the King of Panchala.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)