Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.190.21: और मैंने दशार्ण के राजा महाराज हिरण्यवर्मा को भी वंचित कर दिया है। अतः हे महामुने! इस अवसर पर आप जो भी हितकर समझें, वह मुझे बताइए। मैं उसे पूरा करूँगा।॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 5.190: हिरण्यवर्माके आक्रमणके भयसे घबराये हुए द्रुपदका अपनी महारानीसे संकटनिवारणका उपाय पूछना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मया दाशार्णको राजा वञ्चित: स महीपति:।
तदाचक्ष्व महाभागे विधास्ये तत्र यद्धितम्॥ २१॥
अनुवाद
और मैंने दशार्ण के राजा महाराज हिरण्यवर्मा को भी वंचित कर दिया है। अतः हे महामुने! इस अवसर पर आप जो भी हितकर समझें, वह मुझे बताइए। मैं उसे पूरा करूँगा।॥ 21॥
And I have also deprived the King of Dasharna Maharaja Hiranyavarma. Therefore, O great one! On this occasion, tell me whatever you think is beneficial. I will perform it.'॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥