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श्लोक  5.190.20 
शिखण्डिनि च मा भैस्त्वं विधास्ये तत्र तत्त्वत:।
कृपयाहं वरारोहे वञ्चित: पुत्रधर्मत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे सुन्दरी रानी! शिखंडी से मत डरो। मैं दया करके तुम्हारा हित करूँगा। मैं स्वयं पुत्र प्राप्ति के धर्म से वंचित रह गया हूँ।
 
O beautiful Queen! Do not be afraid of Shikhandi. I will be merciful and do what is really beneficial for you. I myself have been deprived of the duty of having a son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)