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mahabharat 5.19.18-19h: कृतवर्मा की सेना वन पुष्पों की माला पहने हुए उन सिंह-पुरुषों से उसी प्रकार सुशोभित हो रही थी, जैसे कोई (विशाल) वन क्रीड़ा में मदमस्त हाथियों से सुशोभित होता है।   |   mahabharat अध्याय 5.19: युधिष्ठिर और दुर्योधनके यहाँ सहायताके लिये आयी हुई सेनाओंका संक्षिप्त विवरण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 19: युधिष्ठिर और दुर्योधनके यहाँ सहायताके लिये आयी हुई सेनाओंका संक्षिप्त विवरण  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  5.19.18-19h 
तस्य तै: पुरुषव्याघ्रैर्वनमालाधरैर्बलम्॥ १८॥
अशोभत यथा मत्तैर्वनं प्रक्रीडितैर्गजै:।
 
 
अनुवाद
कृतवर्मा की सेना वन पुष्पों की माला पहने हुए उन सिंह-पुरुषों से उसी प्रकार सुशोभित हो रही थी, जैसे कोई (विशाल) वन क्रीड़ा में मदमस्त हाथियों से सुशोभित होता है।
 
The army of Kritavarma was adorned with those lion-men wearing garlands of forest flowers, just as a (huge) forest is adorned with elephants intoxicated with play. 18 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)