Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.189.5-6: रानी बोली— महाराज! भगवान शिव का दिया हुआ वरदान किसी भी प्रकार मिथ्या नहीं होगा। भला, तीनों लोकों की रचना करने वाले प्रभु झूठ कैसे बोल सकते हैं? राजन! यदि आपको अच्छा लगे तो मैं कह दूँगी। मेरी बात सुनिए। हे पृषत्पुत्र! इसे सुनिए और अपनी बुद्धि के अनुसार ग्रहण कीजिए। ॥5-6॥ | mahabharat अध्याय 5.189: शिखण्डीका विवाह तथा उसके स्त्री होनेका समाचार पाकर उसके श्वशुर दशार्णराजका महान् कोप । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भार्योवाच
न तन्मिथ्या महाराज भविष्यति कथंचन।
त्रैलोक्यकर्ता कस्माद्धि वृथा वक्तुमिहार्हति॥ ५॥
यदि ते रोचते राजन् वक्ष्यामि शृणु मे वच:।
श्रुत्वेदानीं प्रपद्येथा: स्वां मतिं पृषतात्मज॥ ६॥
अनुवाद
रानी बोली— महाराज! भगवान शिव का दिया हुआ वरदान किसी भी प्रकार मिथ्या नहीं होगा। भला, तीनों लोकों की रचना करने वाले प्रभु झूठ कैसे बोल सकते हैं? राजन! यदि आपको अच्छा लगे तो मैं कह दूँगी। मेरी बात सुनिए। हे पृषत्पुत्र! इसे सुनिए और अपनी बुद्धि के अनुसार ग्रहण कीजिए। ॥5-6॥
The queen said— Maharaj! The boon given by Lord Shiva will not be false in any way. Well, how can the Lord who created the three worlds tell a lie? King! If you like it, I will tell. Listen to me. O son of Prishat! Listen to this and accept it according to your wisdom. ॥ 5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥