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mahabharat 5.189.14: हिरण्यवर्मा की पुत्री ने शिखण्डी का वास्तविक स्वरूप जानकर लज्जित होकर अपनी धाय और सखियों से यह रहस्य बताया कि पांचाल नरेश का पुत्र शिखण्डी वास्तव में पुरुष नहीं, स्त्री है ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 5.189: शिखण्डीका विवाह तथा उसके स्त्री होनेका समाचार पाकर उसके श्वशुर दशार्णराजका महान् कोप   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.189.14 
हिरण्यवर्मण: कन्या ज्ञात्वा तां तु शिखण्डिनीम्।
धात्रीणां च सखीनां च व्रीडमाना न्यवेदयत्।
कन्यां पञ्चालराजस्य सुतां तां वै शिखण्डिनीम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हिरण्यवर्मा की पुत्री ने शिखण्डी का वास्तविक स्वरूप जानकर लज्जित होकर अपनी धाय और सखियों से यह रहस्य बताया कि पांचाल नरेश का पुत्र शिखण्डी वास्तव में पुरुष नहीं, स्त्री है ॥14॥
 
Hiranyavarma's daughter, after knowing the true nature of Shikhandi, shyly told this secret to her nurse and friends that Shikhandi, the son of Panchal king, is actually not a man but a woman. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)