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mahabharat 5.188.20: गुप्तचर के द्वारा दिए गए समाचार से, नारदजी के कथन से, महादेवजी के वरदान से और अम्बा की तपस्या से शिखण्डी के कन्या बनने की कथा केवल मैंने ही जानी ॥20॥   |   mahabharat अध्याय 5.188: अम्बाका राजा द्रुपदके यहाँ कन्याके रूपमें जन्म, राजा तथा रानीका उसे पुत्ररूपमें प्रसिद्ध करके उसका नाम शिखण्डी रखना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 188: अम्बाका राजा द्रुपदके यहाँ कन्याके रूपमें जन्म, राजा तथा रानीका उसे पुत्ररूपमें प्रसिद्ध करके उसका नाम शिखण्डी रखना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.188.20 
अहमेकस्तु चारेण वचनान्नारदस्य च।
ज्ञातवान् देववाक्येन अम्बायास्तपसा तथा॥ २०॥
 
 
अनुवाद
गुप्तचर के द्वारा दिए गए समाचार से, नारदजी के कथन से, महादेवजी के वरदान से और अम्बा की तपस्या से शिखण्डी के कन्या बनने की कथा केवल मैंने ही जानी ॥20॥
 
Only I knew the story of Shikhandi becoming a girl from the news given by the spy, from Naradji's statement, Mahadevji's boon and Amba's penance. 20॥
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि अम्बोपाख्यानपर्वणि शिखण्डॺुत्पत्तौ अष्टाशीत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १८८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत अम्बोपाख्यानपर्वमें शिखण्डीका उत्पत्तिविषयक एक सौ अट्ठासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १८८॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)