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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 187: अम्बाका द्वितीय जन्ममें पुन: तप करना और महादेवजीसे अभीष्ट वरकी प्राप्ति तथा उसका चिताकी आगमें प्रवेश
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श्लोक 15
श्लोक
5.187.15
यथोक्तमेव कल्याणि सर्वमेतद् भविष्यति।
भविष्यसि पुमान् पश्चात् कस्माच्चित्कालपर्ययात्॥ १५॥
अनुवाद
‘कल्याणी! मैंने जो कुछ कहा है, वह सब सत्य होगा। पहले तुम कन्या के रूप में जन्म लोगी, फिर कुछ समय बाद बालक बनोगी।’॥15॥
‘Kalyani! Whatever I have said will come true. First you will be born as a girl; then after some time you will become a boy.’॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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