Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.187.13: ‘तुम युद्धस्थल में भीष्म का अवश्य ही वध करोगे और इसके लिए आवश्यकतानुसार पुरुषत्व भी प्राप्त करोगे। जब तुम दूसरे शरीर में जाओगे तब तुम्हें ये सब बातें याद रहेंगी।॥13॥ | mahabharat अध्याय 5.187: अम्बाका द्वितीय जन्ममें पुन: तप करना और महादेवजीसे अभीष्ट वरकी प्राप्ति तथा उसका चिताकी आगमें प्रवेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हनिष्यसि रणे भीष्मं पुरुषत्वं च लप्स्यसे।
स्मरिष्यसि च तत् सर्वं देहमन्यं गता सती॥ १३॥
अनुवाद
‘तुम युद्धस्थल में भीष्म का अवश्य ही वध करोगे और इसके लिए आवश्यकतानुसार पुरुषत्व भी प्राप्त करोगे। जब तुम दूसरे शरीर में जाओगे तब तुम्हें ये सब बातें याद रहेंगी।॥13॥
‘You will surely kill Bhishma on the battlefield and for this you will also acquire manhood as required. When you go to another body you will remember all these things.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥