Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.186.34: तब समुद्रगामी गंगा ने उससे कहा- 'भाविनी! तुम कुटिलता से आचरण कर रही हो। हे सुन्दर अंगों वाली असहाय कन्या! तुम्हारी यह इच्छा कभी पूरी नहीं हो सकती।' | mahabharat अध्याय 5.186: अम्बाकी कठोर तपस्या । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब समुद्रगामी गंगा ने उससे कहा- 'भाविनी! तुम कुटिलता से आचरण कर रही हो। हे सुन्दर अंगों वाली असहाय कन्या! तुम्हारी यह इच्छा कभी पूरी नहीं हो सकती।'
Then the river Ganga, the sea-goer, said to her- 'Bhavini! You are behaving crookedly. O helpless girl with beautiful body parts! This desire of yours can never be fulfilled.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥