Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.186.20: उसने खाना-पीना छोड़ दिया, वह दुबली-पतली और रूखी हो गई। उसके सिर पर उलझे हुए बाल उग आए। उसके शरीर पर मैल और कीचड़ जम गया। वह तपधना कन्या छह महीने तक लकड़ी के ठूँठ की तरह निश्चल खड़ी रही, केवल हवा पीती रही। | mahabharat अध्याय 5.186: अम्बाकी कठोर तपस्या । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसने खाना-पीना छोड़ दिया, वह दुबली-पतली और रूखी हो गई। उसके सिर पर उलझे हुए बाल उग आए। उसके शरीर पर मैल और कीचड़ जम गया। वह तपधना कन्या छह महीने तक लकड़ी के ठूँठ की तरह निश्चल खड़ी रही, केवल हवा पीती रही।
She stopped eating and became thin and rough. Matted hair grew on her head. Dirt and mud accumulated on her body. That Tapadhna girl stood motionless like a stump of wood for six months, drinking only air.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥