Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.185.34: जब मैंने देखा कि परशुरामजी मेरे मित्रों के कहने पर युद्ध से विरत हो गए हैं, तब मैंने भी लोक-कल्याण के लिए उन महर्षियों की सलाह मान ली ॥34॥ | mahabharat अध्याय 5.185: देवताओंके मना करनेसे भीष्मका प्रस्वापनास्त्रको प्रयोगमें न लाना तथा पितर, देवता और गंगाके आग्रहसे भीष्म और परशुरामके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब मैंने देखा कि परशुरामजी मेरे मित्रों के कहने पर युद्ध से विरत हो गए हैं, तब मैंने भी लोक-कल्याण के लिए उन महर्षियों की सलाह मान ली ॥34॥
When I saw that Parasurama had retired from the war at the behest of my friends, I too accepted the advice of those great sages for the welfare of the people. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥