Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.185.11: भृगुनन्दन! क्षत्रिय के लिए युद्ध करना ही धर्म है; किन्तु ब्राह्मण के लिए वेदों का स्वाध्याय और उत्तम व्रतों का पालन ही परम धर्म है। 11॥ | mahabharat अध्याय 5.185: देवताओंके मना करनेसे भीष्मका प्रस्वापनास्त्रको प्रयोगमें न लाना तथा पितर, देवता और गंगाके आग्रहसे भीष्म और परशुरामके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भृगुनन्दन! क्षत्रिय के लिए युद्ध करना ही धर्म है; किन्तु ब्राह्मण के लिए वेदों का स्वाध्याय और उत्तम व्रतों का पालन ही परम धर्म है। 11॥
Bhrigunandan! For a Kshatriya, fighting is the religion; But for Brahmins, self-study of the Vedas and observance of good fasts is the ultimate religion. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥