Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.185.10: पितरों ने कहा, "महाराज! ऐसा कार्य फिर कभी करने का साहस मत करना। भीष्म के साथ और विशेषकर क्षत्रिय के साथ युद्धभूमि में प्रवेश करना आपके लिए उचित नहीं है।" | mahabharat अध्याय 5.185: देवताओंके मना करनेसे भीष्मका प्रस्वापनास्त्रको प्रयोगमें न लाना तथा पितर, देवता और गंगाके आग्रहसे भीष्म और परशुरामके युद्धकी समाप्ति । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पितरों ने कहा, "महाराज! ऐसा कार्य फिर कभी करने का साहस मत करना। भीष्म के साथ और विशेषकर क्षत्रिय के साथ युद्धभूमि में प्रवेश करना आपके लिए उचित नहीं है।"
The ancestors said, "Sir, never dare to do such a thing again. It is not right for you to enter the battlefield with Bhishma and especially with a Kshatriya."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥