श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 184: भीष्म तथा परशुरामजीका एक-दूसरेपर शक्ति और ब्रह्मास्त्रका प्रयोग  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.184.3 
ततो बाणमयं वर्षं ववर्ष मयि भार्गव:।
न्यवारयमहं तच्च शरजालेन भारत॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उस समय भृगुपुत्र परशुराम ने मुझ पर बाणों की वर्षा की। हे भारत! तब मैंने अपने बाणों के समूह से उस बाण-वर्षा को रोक दिया।
 
At that time, Bhrigu's son Parashurama showered arrows on me. O Bhaarat! Then I stopped that shower of arrows with my group of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)