श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 184: भीष्म तथा परशुरामजीका एक-दूसरेपर शक्ति और ब्रह्मास्त्रका प्रयोग  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.184.20 
ततश्चचाल पृथिवी सपर्वतवनद्रुमा।
संतप्तानि च भूतानि विषादं जग्मुरुत्तमम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तब पर्वत, वन और वृक्षों सहित सम्पूर्ण पृथ्वी काँपने लगी। पृथ्वी के सभी प्राणी व्याकुल हो गए और अत्यंत दुःखी होने लगे।
 
Then the entire earth, including mountains, forests and trees, began to shake. All the creatures on the earth became distressed and began to feel very sad.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)