श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 184: भीष्म तथा परशुरामजीका एक-दूसरेपर शक्ति और ब्रह्मास्त्रका प्रयोग  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.184.18 
ततो व्योम्नि प्रादुरभूत् तेज एव हि केवलम्।
भूतानि चैव सर्वाणि जग्मुरार्तिं विशाम्पते॥ १८॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! तब आकाश में अग्नि की ज्वालाएँ ही ज्वालाएँ प्रकट होने लगीं। इससे समस्त प्राणियों को महान् पीड़ा होने लगी॥18॥
 
Prajanath! Then only flames of fire started appearing in the sky. This caused great pain to all creatures.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)