श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 183: भीष्मको अष्टवसुओंसे प्रस्वापनास्त्रकी प्राप्ति  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.183.3 
जामदग्न्येन मे युद्धमिदं परमदारुणम्।
अहानि च बहून्यद्य वर्तते सुमहात्ययम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
बहुत दिन हो गए हैं और मेरा और जमदग्निपुत्र परशुरामजी का यह अत्यन्त भयंकर और अत्यन्त हानिकारक युद्ध चल रहा है॥3॥
 
It has been many days now that this extremely dreadful and highly harmful battle between me and Parashurama, son of Jamadagni, is going on. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)