इत्युक्त्वान्तर्हिता राजन् सर्व एव द्विजोत्तमा:।
अष्टौ सदृशरूपास्ते सर्वे भासुरमूर्तय:॥ १९॥
अनुवाद
राजन! ऐसा कहकर वे सभी वसुरूपी श्रेष्ठ ब्राह्मण अन्तर्धान हो गए। उन आठों का रूप एक जैसा हो गया। उनके शरीर भी तेजोमय हो गए॥19॥
King! Saying this, all the great Brahmins in the form of Vasus disappeared. All the eight of them had similar appearance. All their bodies appeared radiant.॥19॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि अम्बोपाख्यानपर्वणि भीष्मप्रस्वापनास्त्रलाभे त्र्यशीत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १८३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत अम्बोपाख्यानपर्वमें भीष्मको प्रस्वापनास्त्रका प्राप्तिविषयक एक सौ तिरासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १८३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥